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Jin Sutra, Vol. 4

Jin Sutra, Vol. 4
Views: 2480 Brand: Osho Media International
Product Code: Hardbound - 456 pages
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जिन-सूत्र, भाग: दो- Jin Sutra, Vol. 4महावीर क्या आए जीवन में, हजारों-हजारों बहारें आ गईं
 
इस जगत की सबसे अपूर्व घटना है किसी व्यक्ति का सिद्ध या बुद्ध हो जाना। इस जगत की अनुपम घटना है किसी व्यक्ति का जिनत्व को उपलब्ध हो जाना, जिन हो जाना। उस अपूर्व घटना के पास जला लेना अपने बुझे हुए दीयों को। अवसर देना अपने हृदय को, कि फिर धड़क उठे उस अज्ञात की आकांक्षा से, अभीप्सा से।...महावीर के इन सूत्रों पर बात की है इसी आशा में कि तुम्हारे भीतर कोई स्वर बजेगा, तुम ललचाओगे, चाह उठेगी, चलोगे। 
ओशो

 

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