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Dhyan Sutra

Dhyan Sutra
Views: 391 Brand: Osho Media International
Product Code: 168-pages Hard bound
Availability: In Stock
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Rs.360.00
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पुस्तक के बारे मेंDhyan Sutra - ध्यान-सूत्र

महाबलेश्वर के प्राकृतिक वातावरण में ओशो द्वारा संचालित ध्यान शिविर के दौरान हुए प्रवचनों व प्रायोगिक ध्यान प्रयोगों का संकलन है यह पुस्तक। शरीर, विचारों और भावों की एक-एक परत से ग्रंथियों को विलीन करने की कला समझाते हुए, ओशो हमें समग्र स्वास्थ्य और संतुलन की ओर लिए चलते हैं।

पुस्तक के कुछ अन्य विषय-बिंदु:
 

सेक्स ऊर्जा का सृजनात्मक उपयोग कैसे करें?

क्रोध क्या है? क्या है उसकी शक्ति?

अहंकार को किस शक्ति में बदलें?

वैज्ञानिक युग में अध्यात्म का क्या स्थान है?
 

समीक्षा

पुस्तक के आमँत्रण में ओशो आपकी परमात्मा में उत्सुकता होने के लिये आपका स्वागत करते हैं और फिर प्रारँभ होती है यात्रा साधक के लिये अनिवार्य सूत्रों की:

प्यास और संकल्प
शरीर-शुद्धि के अँतरंग सूत्र
चित्त-शक्तियों का रूपाँतरण
विचार-शुद्धि के सूत्र
भाव-शुद्धि की कीमिया
सम्यक रूपाँतरण के सूत्र
शुद्धि और शून्यता से समाधि फलित
समाधि है द्वार
आमँत्रण-एक कदम चलने का

ध्यान शिविर में दिये गये इन 9 प्रवचनों एवँ ध्यान निर्देशों के सँकलन को पढ़ने मात्र से आपके जीवन में रूंपाँतरण होना निश्चित है। और यदि कहीं प्रयोग भी कर लिये तो बस चल दिये आप समाधि के द्वार की ओर!

"जो क्षुद्र के लिये प्यासा होता है,वह क्षुद्र को पाकर भी आनंद उपलब्ध नहीं करता। और जो विराट के लिये प्यासा होता है, वह उसे न भी पा सके तो भी आनंद से भर जाता है।"

"मनुष्य बहुत कुछ आदतों का यंत्र है। और अगर मनुष्य अपनी पुरानी आदतों के घेरे में ही चले तो साधना की नई दृष्टि खोलने में उसे बड़ी कठिनाई हो जाती है।"

"धार्मिक इतिहास में ऐसे सैंकड़ों उदाहरण हैं जब कि पापी क्षणभर में पुण्यात्मा हो गये हैं। और उसका कुल कारण इतना है कि शक्तियां बहुत थीं, केवल ट्रांसफर्मेशन की बात थी। एक जादू का संपर्क चाहिये और सब बदल जाएगा।"
 

विषय सूची

प्रवचन 1 : प्यास और संकल्प

प्रवचन 2 : शरीर-शुद्धि ‍के अंतरंग सूत्र

प्रवचन 3 : चित्त-शक्तियों का रूपांतरण

प्रवचन 4 : विचार-शुद्धि के सूत्र

प्रवचन 5 : भाव-शुद्धि की कीमिया

प्रवचन 6 : सम्यक रूपांतरण के सूत्र

प्रवचन 7 : शुद्धि और शून्यता से समाधि फलित

प्रवचन 8 : समाधि है द्वार

प्रवचन 9 : आमंत्रण—एक कदम चलने का


khan shahanwaz on 10/09/2014
1 reviews
baht achha laga osho book

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