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Man Ka Darpan – मन का दर्पण

New -10% Man Ka Darpan – मन का दर्पण
Views: 78 Brand: Osho Media International
Product Code: HardBound - 110 pages
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मनुष्य का जीवन रोज-रोज ज्यादा से ज्यादा अशांत होता चला जाता है और इस अशांति को दूर करने के जितने उपाय किए जाते हैं उनसे अशांति घटती हुई मालूम नहीं पड़ती और बढ़ती हुई मालूम पड़ती है। और जिन्हें हम मनुष्य के जीवन में शांति लाने वाले वैद्य समझते हैं, वे बीमारियों से भी ज्यादा खतरनाक सिद्ध होते चले जाते हैं। ऐसा बहुत बार होता है कि रोग से भी ज्यादा औषधि खतरनाक सिद्ध होती है। अगर कोई निदान न हो, अगर कोई ठीक डाइग्नोसिस न हो, अगर ठीक से न पहचाना गया हो कि बीमारी क्या है, तो इलाज बीमारी से भी ज्यादा खतरनाक सिद्ध हो तो आश्र्चर्य नहीं है। मनुष्य के जीवन में अशांति का मूल कारण क्या है? दुख, पीड़ा क्या है? मनुष्य के तनाव और टेंशन के पीछे कौन सी वजह है, उसका ठीक-ठीक पता न हो, तो हम जो भी करते हैं वह और भी कठिनाइयों में डालता चला जाता है। ओशो

 

मन का दर्पण – Man Ka Darpan
 
   #1: महत्वाकांक्षा
   #2: मैं कौन हूं?
   #3: असंग की खोज
   #4: जीवन यानी परमात्मा
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