Categories

 

 

Jyon Ki Tyon Dhar Deenhi Chadariya

Jyon Ki Tyon Dhar Deenhi Chadariya
Views: 1434 Brand: Osho Media International
Product Code: Hardbound - 328 pages
Availability: In Stock
15 Product(s) Sold
Rs.660.00
Qty: Add to Cart

पुस्तक के बारे मेंJyon Ki Tyon Dhari Dinhi Chadaria - ज्यों की त्यों धरि दीन्हीं चदरिया

इस पुस्तक में ओशो आत्म-जागरण के उन पांच वैज्ञानिक उपकरणों पर चर्चा करते हैं जिन्हें पंच-महाव्रत के नाम से जाना जाता है--अहिंसा, अपरिग्रह, अचौर्य, अकाम व अप्रमाद। ये पंच-महाव्रत जब ओशो की रसायन शाला में आते हैं तो ओशो अप्रमाद यानि होश, अवेयरनेश को बाकी चार से अलग कर लेते हैं और उसे विस्तीर्ण रूप से समझाते हुए एक मास्टर की हमें थमा देते हैं जिससे बाकी चार ताले सहज ही खुल जाते हैं। ओशो कहते हैं, ‘अप्रमाद साधना का सूत्र है। अप्रमाद साधना है।... अहिंसा--वह परिणाम है, हिंसा स्थिति है। अपरिग्रह--वह परिणाम है, परिग्रह स्थिति है। अचौर्य--वह परिणाम है, चोरी स्थिति है। अकाम--वह परिणाम है, कामवासना या कामना स्थिति है। इस स्थिति को परिणाम तक बदलने के बीच जो सूत्र है, वह है--अप्रमाद, अवेयरनेस, रिमेंबरिंग, स्मरण।’

विषय सूची

प्रवचन 1 : अहिंसा
प्रवचन 2 : अपरिग्रह
प्रवचन 3 : अचौर्य
प्रवचन 4 : अकाम
प्रवचन 5 : अप्रमाद
प्रवचन 6 : अहिंसा (प्रश्नोत्तर)
प्रवचन 7 : ब्रह्मचर्य
प्रवचन 8 : अपरिग्रह (प्रश्नोत्तर)
प्रवचन 9 : अचौर्य (प्रश्नोत्तर)
प्रवचन 10 : संन्यास
प्रवचन 11 : अकाम (प्रश्नोत्तर)
प्रवचन 12 : तंत्र
प्रवचन 13 : अप्रमाद (प्रश्नोत्तर)


  
There are no reviews for this product.

Write a review

Your Name:


Your Review:Note: HTML is not translated!

Rating: Bad           Good

Enter the code in the box below:



Mahaveer Ya Mahavinash Out Of Stock
पुस्तक के बारे मेंMahavir Ya Mahavinash - महावीर या महाविनाशमहावीर की क्रांति इसी बात में है कि ..
Rs.380.00
Based on 1 reviews.
पुस्तक के बारे मेंAnahad Mein Bisram - अनहद में बिसरामदरिया साहब के सूत्र से आरंभ होती हुई य‍ह प..
Rs.400.00