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Maine Ram Ratan Dhan Payo

In Stock Maine Ram Ratan Dhan Payo
Views: 954 Brand: Osho Media International
Product Code: Hardbound - 320 pages
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पुस्तक के बारे मेंMaine Ram Ratan Dhan Payo - मैंने राम रतन धन पायो

आओ प्रेम की एक झील में नौका-विहार करें। और ऐसी झील मनुष्य के इतिहास में दूसरी नहीं है, जैसी झील मीरा है। मानसरोवर भी उतना स्वच्छ नहीं। और हंसों की ही गति हो सकेगी मीरा की इस झील में। हंस बनो, तो ही उतर सकोगे इस झील में। हंस न बने तो न उतर पाओगे।

हंस बनने का अर्थ है: मोतियों की पहचान आंख में हो, मोती की आकांक्षा हृदय में हो। हंसा तो मोती चुगे!

कुछ और से राजी मत हो जाना। क्षुद्र से जो राजी हो गया, वह विराट को पाने में असमर्थ हो जाता है। नदी-नालों का पानी पीने से जो तृप्त हो गया, वह मानसरोवरों तक नहीं पहुंच पाता; जरूरत ही नहीं रह जाती।

मीरा की इस झील में तुम्हें निमंत्रण देता हूं। मीरा नाव बन सकती है। मीरा के शब्द तुम्हें डूबने से बचा सकते हैं। उनके सहारे पर उस पार जा सकते हो।
ओशो


 

विषय सूची

प्रवचन 1 : प्रेम की झील में नौका-विहार

प्रवचन 2 : समाधि की अभिव्यक्तियां

प्रवचन 3 : मैं तो गिरधर के घर जाऊं

प्रवचन 4 : मृत्यु का वरण: अमृत का स्वाद

प्रवचन 5 : पद घुंघरू बांध मीरा नाची रे

प्रवचन 6 : श्रद्धा है द्वार प्रभु का

प्रवचन 7 : मैंने राम रतन धन पायो

प्रवचन 8 : दमन नहीं—ऊर्ध्वगमन

प्रवचन 9 : राम नाम रस पीजै मनुआं

प्रवचन 10 : फूल खिलता है अपनी निजता से


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