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Jin Sutra Vol 1

-15% Jin Sutra Vol 1
Views: 359 Brand: Osho Media International
Product Code: Hardbound - 492 Pages
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जिन-सूत्र, भाग: एक - Jin Sutra, Vol. 1महावीर क्या आए जीवन में 
हजारों-हजारों बहारें आ गईं

 
 
 
 
 
 

महावीर गुरु नहीं हैं। महावीर कल्याणमित्र हैं। वे कहते हैं, मैं कुछ कहता हूं, उसे समझ लो; मेरे सहारे लेने की जरूरत नहीं है। मेरी शरण आने से तुम मुक्त न हो जाओगे। मेरी शरण आने से तो नया बंधन निर्मित होगा, क्योंकि दो बने रहेंगे। भक्त और भगवान बना रहेगा। शिष्य और गुरु बना रहेगा। नहीं, दो को तो मिटाना है। इसलिए महावीर ने भगवान शब्द का उपयोग ही नहीं किया। कहा कि भक्त ही भगवान हो जाता है। इसे समझना। विपरीत दिखाई पड़ते हुए भी ये बातें विपरीत नहीं हैं।  ओशो

 

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