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Kahe Kabir Main Pura Paya

-10% In Stock Kahe Kabir Main Pura Paya
Views: 3202 Brand: Osho Media International
Product Code: Hardbound - 532 Pages
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पुस्तक के बारे मेंKahe Kabir Main Pura Paaya-कहै कबीर मैं पूरा पाया

ओशो ने कबीर के पदों की विस्‍तृत व्‍याख्‍याएं की हैं और कबीर के कूटार्थ को पटल-प्रति-पटल खोला और खिलाया है। कबीर के पदों का ऐसा भाष्‍य अन्‍यत्र दूर्लभ है। एक-एक शब्‍द बहुमूल्‍य है। उपनिषदें कमजोर पड जाती हैं कबीर के सामने। वेद दयनीय मालूम ‍ दिखाई देता है। कबीर बहुत अनूठे हैं। बे-पढे-लिखे हैं, लेकिन जीवन के अनुभव से उन्‍होंने कुछ सार पा लिया है। ओशो ने कबीर को सहज-संप्रेषणीय बना दिया है। भाषा में कवित्‍व की सुगंधि अवश्‍य है, जो ह्रदय को छूती है, पर तर्क की भंगिमा भी समानांतर चल रही है, जिससे हमारा सुपठित और अधीती मानस संतुष्‍ट होता है।

विषय सूची

प्रवचन 1: अकथ कहानी प्रेम की
प्रवचन 2 : लिखालिखी की है नहीं, देखादेखी बात
प्रवचन 3 : दुलहा दुलहिन मिल गए, फीकी पड़ी बरात
प्रवचन 4 : सम्यक् जीवन : सम्यक् मृत्यु
प्रवचन 5 : एक एक जिनि जानिया, तिन ही सच पाया
प्रवचन 6 : सतगुरु नूर तमाम
प्रवचन 7 : जिन जागा तिन मानिक पाइया
प्रवचन 8 : समर्पण है परम समाधान
प्रवचन 9 : मृत्यु है द्वार
प्रवचन 10 : संन्यास परम सुहाग है
प्रवचन 11 : सावधान पांडित्य से
प्रवचन 12 : शून्य में छलांग
प्रवचन 13 : साधो, शब्द साधना कीजै
प्रवचन 14 : आनंद पर आस्था
प्रवचन 15 : क्या मेरा क्या तेरा
प्रवचन 16 : सदगुरु की महत्ता
प्रवचन 17 : प्रभु-प्रीति कठिन
प्रवचन 18 : प्रेम का अंतिम निखार—परमात्मा
प्रवचन 19 : मन लागो यार फकीरी में
प्रवचन 20 : एकांत की गरिमा
 


   
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