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Dhyan Ke Kamal

In Stock Dhyan Ke Kamal
Views: 1229 Brand: Fusion Books
Product Code: Paperback - 128 pages
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पुस्तक के बारे मेंDhyan Ke Kamal - ध्‍यान के कमल

प्रस्‍तुत पुस्‍तक के प्रवचनों के माध्‍यम से हम ध्‍यान की जिस भावदशा में प्रविष्‍ट हो सकते हैं उसकी पूर्व तैयारी के लिए ओशो हमें ध्‍यान के कुछ ऐसे प्रयोगों में उतारते हैं जिन्‍हें करने के पश्‍चात हम विश्रांति की झील बन जाते हैं और प्रतीक्षा करते हैं चेतना के कमल के खिलने की। कहीं पर ओशो ने समर्पण के लिए भी संकल्‍प के प्रयोग की चर्चा की है तो कहीं कीर्तन का उपयोग रेचन के लिए किया है। शरीर से तादात्‍म्य तोड़ने के छोटे-छोटे प्रयोग हैं जिनमें सबसे अधिक बल उन्‍‍होंने श्‍वास पर दिया है। वे कहते हैं कि श्‍वास पर जोर देने पर शरीर में छिपा हुआ ‍विद्युत-स्रोत सजग हो उठता है। और शरीर मिट्टी-मांस-मज्‍जा का नहीं वरन विद्युत किरणों से निर्मित है और यह बायो-एनर्जी, जीव-ऊर्जा ईंधन का काम करती है और ध्‍यान की कुंजी हाथ लगती है—ध्यानं निर्विषयं मन:।

 

विषय सूची

प्रवचन 1 : ध्यान : एक बड़ा दुस्साहस

प्रवचन 2 : ध्यान : एक गहन मुमुक्षा

प्रवचन 3 : ध्यान : मनुष्य की आत्यंतिक संभावना

प्रवचन 4 : ध्यान : जीवन की बुनियाद

प्रवचन 5 : ध्यान : द्वैत से अद्वैत की और

प्रवचन 6 : ध्यान : प्रभु के द्वार में प्रवेश

प्रवचन 7 : ध्यान : प्रकाश का जगत

प्रवचन 8 : ध्यान : मन की मृत्यु

प्रवचन 9 : ध्यान : चुनावरहित सजगता

प्रवचन 10: ध्यान : जीवन में क्रांति
 

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